संदेशवाहक बूँदें
कितना विस्मयकारी है ना ये बूंदों का खेल हमारे साथ, ऊपर आसमान की ओर देखो तो लगता है कितनी दूर से चली आ रही हैं ये धरती से मिलने, हज़ारों मीलों की यात्रा करके , बहुत कुछ पूछने का मन करता है इन वर्षा की बूंदों से और कितनी प्रतीक्षा भी तो करवाती हैं ये अपनी, पेड़ों से, पक्षियों से , हम मनुष्यों से , मुझे तो हमेशा से ही ये बूँदें लगता है जैसे की किसी का सन्देश ले कर आयी हैं।