बूंदों से बातें
बारिशें तो आ आ कर चली जाती हैं , पर जब भी आती हैं मेरा खूब मन लगाती हैं क्यूंकि लेकर आती हैं अपने साथ ढेर सारी मोतियों जैसे बूँदें, और मेरे लिए अनगिनत दोस्त , जिनसे मैं जी भर के बातें करती हूँ , नाचती हूँ, गाती हूँ और जिनसे कभी कभी गुस्सा भी कर लेती हूँ