ऊंची उड़ान Oct 4 Written By Roli S रूई से उड़ते हुए नभ में बादल, कभी हाथी, कभी महल बनाते हुए और कभी कभी कितना बड़ा सा भेड़ों का झुण्ड , कितने कलाकार हैं ये बादल, इन पे चढ़ कर घूमने में आनंद ही आनंद होगा, यही सोचती थी मैं जब छोटी थी , यही सोचती हूँ मैं आज भी…. Roli S
ऊंची उड़ान Oct 4 Written By Roli S रूई से उड़ते हुए नभ में बादल, कभी हाथी, कभी महल बनाते हुए और कभी कभी कितना बड़ा सा भेड़ों का झुण्ड , कितने कलाकार हैं ये बादल, इन पे चढ़ कर घूमने में आनंद ही आनंद होगा, यही सोचती थी मैं जब छोटी थी , यही सोचती हूँ मैं आज भी…. Roli S